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भारतीय सेना आने वाले समय में स्वदेशी कार्बाइन एंटी एयर सिस्टम का उपयोग करेगी,रक्षा मंत्रालय ने इसके आयात को प्रतिबंधित किया

 


  • इसके आयात पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय एक बैठक के दौरान लिया गया जिसकी अध्यक्षता रक्षा सचिव राजकुमार ने की और जिसमें भारत की चीफ ऑफ  डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत भी मौजूद रहे रहे थे। 
  • इस रक्षा समझौते के तहत तकरीबन 2.5 बिलियन डॉलर के हथियार के लिए दो  ऑर्डर दिए गए थे, जिसे इस बैठक में रद्द करने का निर्णय लिया गया। हथियार समझौते का यह अंतिम चरण था जिसमें इस अंतिम प्रक्रिया को पूरा होने से पहले रद्द कर दिया गया। 
  • यह निर्णय मुख्य तौर पर आत्म निर्भर भारत अभियान तथा मेक इन इंडिया अभियान को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। 

रद्द किए गए रक्षा समझौते के बारे में सामान्य जानकारी:
  • यह रक्षा समझौता बंद क्वार्टर कार्बाइन CQBS जो संयुक्त अरब अमीरात की कंपनी कैरकल के साथ सेल्फ प्रोपेल्ड वायु रक्षा प्रणाली की आयत के लिए समझौता किया गया था। 
  • इसके अलावा दूसरा समझा था साउथ कोरिया कंपनी SPAD-GMS हनवा के साथ गन मिसाइल सिस्टम के लिए रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। जिसे इस समझौते के अंतिम चरण में रद्द करने का निर्णय लिया गया। 

रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किए गए भारत सरकार के महत्वपूर्ण प्रयास के बारे में सामान्य जानकारी:
  • भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्रों में एफडीआई सीमा को बढ़ाने का निर्णय लिया है। भारत सरकार द्वारा रक्षा क्षेत्र में FDI की सीमा को 49% से बढ़ाकर 74% तक करने का निर्णय लिया गया है।  जिससे इस क्षेत्र में विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। 
  • अगस्त 2020 में आत्मनिर्भर भारत को रफ्तार देने के लिए भारत सरकार ने दिसंबर 2020 से 2025 तक रक्षा क्षेत्र के 101 प्रकार के विभिन्न हथियारों के आयात पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। जिससे घरेलू क्षेत्र की रक्षा हथियार निर्माता कंपनियों का विकास और निर्माण हो सके। 
  • इन प्रतिबंधित हथियारों की सूची में भारत सरकार द्वारा  कम दूरी की सर्फेस टू सर्फेस मिसाइल, विजुअल रेंज एयर टू एयर मिसाइल, मिसाइल डिस्ट्रॉयर, क्रूज मिसाइल, स्पाईनार राइफल, एसॉल्ट राइफल, हल्के विमान, हल्के हेलीकॉप्टर तथा ड्रोन जैसे महत्वपूर्ण रक्षा हथियारों को शामिल किया गया है।  
  • भारत अपने रक्षा हथियार जरूरत का सर से 60% से 65% विदेशों से आयात करता है, जिसे जितना हो सके उतना कम करने का प्रयास भारत सरकार द्वारा किया जा रहा है। 

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बनने के उद्देश्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी:
  • भारत पिछले 5 वर्षों में इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार विश्व में हथियार आयातक देशों में दूसरे नंबर पर आता है। जो भारत की रक्षा उपकरण तथा रक्षा सामग्री के लिए विदेशी देशों के ऊपर निर्भरता को प्रदर्शित करता है। इसे कम करने के लिए भारत सरकार ने विभिन्न प्रकार के कदम उठाए हैं जिससे रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। 

रक्षा मंत्रालय के बारे में सामान्य जानकारी:
हेड क्वार्टर - नई दिल्ली
केंद्रीय रक्षा मंत्री - राजनाथ सिंह
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ - जनरल बिपिन रावत 






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